हमारे जीवन में शिक्षक का महत्व
शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
शिक्षक हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर हमारे तरफ से सभी शिक्षको हमारा प्रणाम ।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जाता हैं। भारत में शिक्षक दिवस हर वर्ष 5 सितम्बर को मनाया जाता है। इस दिन भारत के पूर्व उप राष्ट्रपति डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बहुत योगदान दिए है। उनका कहना था कि “यदि सही तरीके से शिक्षा दी जाए तो समाज की बुराईयों को मिटाया जा सकता है”। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उनके जन्म दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।जिस तरह हमारे शरीर के अंगो मे से अगर आँखे न हो, तो पूरी दुनिया अँधेरा दिखाई देती हैं । उसी प्रकार हमारे जीवन मे अगर शिक्षक अपने ज्ञान से हमे प्रकाशित नहीं करते तो पूरी दुनियां शून्य लगती हैं ।हम आँख के द्वारा पूरी दुनियां तो देख सकते , लेकिन बिना ज्ञान हमारी जिंदगी अंधकारमय रहती हैं । हम शिक्षकों के बिना अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। जिस तरह हमे जीवन जीने के लिए शुद्ध ऑक्सीजन जरूरी हैं। ठीक उसी प्रकार हमे अपने जीवन में सफल होने के लिए शिक्षक जरूरी हैं। क्योंकि हम सभी को नवजीवन देने में ,और सफल बनाने में एक शिक्षक की बहुत ही अहम भूमिका होती हैं। क्योंकि माँ हमें जन्म देती हैं , लेकिन शिक्षक उस जीवन को कैसे जीना हैं, वो सिखाते है।एक शिक्षक के लिए हम विद्यार्थी कोरे कागज की तरह होते हैं।
वैसे तो दुनिया में कई रिश्ते होते हैं। लेकिन हर रिश्ता शायद निभाने का ही हो ।लेकिन किसी उद्देश्य के साथ और सपना पूरे करने के लिए शायद ही कोई रिश्ता होती हैं । कलम के स्याही से और किसी क़िताब के काले अक्षरों से भले ही इसकी शुरुआत होती हैं । लेकिन इनकी रिश्ते ऐसी होती है , जो कभी मिट ना सकती हैं । एक प्रेरक के रूप में , एक मार्गदर्शक के रुप में, एक अच्छी राह दिखाने के लिए एक शिक्षक हमारे जीवन में काफी महत्वपूर्ण है । हम जानकरियां तो गूगल और किताबों से भी ले लेते हैं । लेकिन वो ज्ञान जो हमारे शिक्षक देते हैं। वो हम दुनियां की किसी भी किताबों से नही मिल सकती हैं। रिश्ता भले ही खून का ना हो । मगर एक भटके हुए राहगीर को अपने पथ की तरफ जाने के लिए हर सम्भव राह दिखाते है। एक जुगनू है , जो शायद चमकता तो हैे ।अपनी रोशनी फैलाता है । मगर वह यह नहीं जानता कि हर रोशनी फ़ैलाने में उसकी जिंदगी भी खत्म होती है । शायद शिक्षक के बारे में यह हम कह सकते हैं । वो भी अपने आप को समर्पित कर देते हैं , हमारे सपने को पूरे करने के लिए। किसी राह में किसी मोड़ में वो मिल भी जाए तो उनका ऋण हम कभी चुका नहीं सकते हैं।अच्छे शिक्षक हमारे जीवन के वह हर एक कमी पूरी करते हैं, जिससे हम एक सफल व्यक्ति बन पाते हैं । हम जब उनसे पढ़तेे है , तो उन्हें कुछ कीमत देते है, ट्यूशन शुल्क के रूप मे , लेकिन किसी की वक्त की कीमत कभी नहीं लगाई जा सकती ।
जो हमारे लिए एक शिक्षक वक्त देते है।वक्त लौटकर नहीं आता भले ही आप उसकी उस वक्त की कीमत लौटा दो यही कीमत होती है , शिक्षक की हमारे जीवन में । जिन्होंने सही मायने में हमारे जीवन को प्रकाशित करने में हर अपना वह वक्त दिया है । वह अपनी राह जो कठिनाई से भरी हो किसी सोच में , किसी परेशानी में हल्के से मुस्कुराहट से दूर करने का काम हमारी शिक्षक करते हैं । भले ही हम उन्हें कुछ ना दे सकें, भले ही वह अपने आप को एक कर्तव्य रूप में मानते हैं। मगर इस जीवन को संवारने का काम करते है। कम उम्र में बच्चे का जीवन गीली मिट्टी की तरह होता है। तब शिक्षक एक कुम्हार की तरह उसे शिक्षा रूपी हाथों से एक मज़बूत आकार प्रदान करते है। शिक्षक का महत्व विद्यार्थी जीवन में ही नही बल्कि हमारे समाज में भी उनका काफी बहुत महत्व है। क्योंकि समाज उन्हीं बच्चों से मिलकर बनता है । जिनको परिपक़्व कर समाज में श्रेष्ठ इंसान एक शिक्षक बनाते हैं ।शिक्षक बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। एक शिक्षक ही ऐसा होता हैं , जो अपने छात्रों को अपनी ज्ञान रूपी गंगा में स्नान कराके उन्हें अच्छा नागरिक बनाने में उनकी मदद करते है।कबीर जी की एक प्रसिद्ध दोहा है।गुरु गोविन्द दोऊ खड़े,काके लागूं पाय।बलिहारी गुरु आपने गोविन्द दिए बताय॥”उनके अनुसार गुरु के महत्व और भी बढ़ जाती हैं। क्योंकि उनका कहना है गुरु और भगवान ( गोविंद) एक साथ खड़े हो तो गुुरु के चरण स्पर्श करने चाहिए क्योंकि इन्हीं की कृपा से हमें भगवान जी के दर्शन करने का सौभाग्य मिली हैं।इसी तरह हमारे जीवन मे शिक्षक का काफी महत्व है।उनके बारे में जितना लिखा जाए कम है।
जल जाते है वो दिए की तरह ,कितने की जीवन रोशन कर जाते है।कुछ इसी तरह से हर शिक्षक ,अपना फर्ज निभाते है।।
अज्ञानता को दूर करके ज्ञान की ज्योत जलाई है।शिक्षकों के चरणों में रहकर हमने शिक्षा पाई है।गलत पथ पर जब - जब हम भटके , तब गुरु ने ही राह दिखाई है।
धन्यवाद
विद्यार्थी- शिक्षिका:- मनीषा कुमारी
वर्ग- बी०एड० द्वितीय वर्ष (डिवीज़न- मराठी)
पी०वी०डी०टी०कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन फॉर वोमेन( एस०एन०डी०टी० महिला विद्यापीठ )



बहुत अच्छा 👍👍
ReplyDeleteHappy teacher 's day
Very nice गुरु गोविन्द दोऊ खड़े , काके लागूं पाए . ..२|
ReplyDeleteबलिहारी गुरु आपने , गोविन्द दियो बताय ||
कबीर….गोविन्द दियो बताय ||
यह तन विष की बेलरी , गुरु अमृत की खान ..२|
सीस दिए से गुरु मिले , वो भी सस्ता जान ||
कबीर ….वो भी सस्ता जान ||
Happy teacher's day
🙏🙏👍👍👍👍
ReplyDeleteNice
ReplyDelete👏👏👏
सुंदर लिखा है। अभिनंदन
ReplyDeleteV. Nice dear👌👍
ReplyDeleteSuperb 👌
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